*पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने दिया भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़ने का संदेश, डांडिया की धुन पर भी बच्चों ने दिखाया उत्साह*
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चिप प्रभु जी खगड़िया। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर बचपन प्ले स्कूल, खगड़िया में शुक्रवार को बच्चों द्वारा मां दुर्गा की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। इस दौरान स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चे मां दुर्गा एवं अन्य पारंपरिक वेशभूषाओं में सज-धजकर विद्यालय पहुंचे। रंग-बिरंगे परिधानों, आकर्षक सजावट और बच्चों के मनमोहक रूप ने पूरे विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो साक्षात मां दुर्गा का आगमन विद्यालय परिसर में हो गया हो।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भारतीय संस्कृति,धार्मिकपरंपराओं और त्योहारों के महत्व को अपनी प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया। विद्यालय की शिक्षिकाओं ने बच्चों को डांडिया खेलने के तरीके भी सिखाए। छोटे-छोटे बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ डांडिया का अभ्यास किया।
शिक्षिकाओं द्वारा बताई गई बातों को बच्चों ने ध्यानपूर्वक समझा और उसी के अनुरूप करने का प्रयास किया। बच्चों की उत्सुकता, मासूमियत और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।विद्यालय की मैनेजिंग डायरेक्टर पुष्पा कुमारी ने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करते हैं। जब बच्चे बचपन से ही अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझते हैं, तो वे जीवन में अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ते हैं और भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होते हैं। विद्यालय के डायरेक्टर प्रद्युम्न कुमार ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह शक्ति, साहस, सत्य और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। मां दुर्गा हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, कठिन परिस्थितियों का सामना करने और सदैव सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। बच्चों को ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़ने का उद्देश्य उनमें भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है। बचपन से मिलने वाले अच्छे संस्कार और अनुभव बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बनते हैं। दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से परिचित कराना भी आवश्यक है। बचपन प्ले स्कूल खगड़िया का यह आयोजन बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सीखने, समझने और अपनी संस्कृति से जुड़ने का एक सुंदर अवसर बना।
प्रद्युम्न कुमार
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