पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि : राकेश पासवान शास्त्री बोले— सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व के संघर्ष में आज भी प्रासंगिक हैं कांशीराम के विचार
जगदूत न्यूज | खगड़िया
खगड़िया में शुक्रवार को बहुजन समाज को जागरूक, संगठित और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने वाले बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सदर प्रखंड के नन्हकू मंडल टोला स्थित मेनका-कार्तिकेय सदन के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके संघर्षपूर्ण जीवन को नमन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दलित युवा संग्राम मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने की। सभा को संबोधित करते हुए आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि मान्यवर कांशीराम सामाजिक न्याय के सशक्त प्रणेता और दलितों, महादलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों तथा शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों की बुलंद आवाज थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बहुजन समाज को सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए समर्पित कर दिया। उनके संघर्ष ने वंचित समुदायों में अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा की और राजनीति में भागीदारी की नई राह दिखाई। राकेश ने कहा कि वर्ष 1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना कर कांशीराम ने बहुजन समाज को राजनीतिक शक्ति के रूप में संगठित करने का ऐतिहासिक प्रयास किया। उनका उद्देश्य केवल समाज को जागरूक करना नहीं, बल्कि उसे निर्णय लेने की प्रक्रिया और सत्ता में उचित भागीदारी दिलाना भी था। उनका विचार था कि बहुजन समाज को याचक बनने के बजाय अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांशीराम का प्रसिद्ध नारा, “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी”, सामाजिक न्याय, समान प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक भागीदारी की भावना को मजबूती प्रदान करता है। यह नारा आज भी वंचित वर्गों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में प्रासंगिक है। आचार्य शास्त्री ने कहा कि कांशीराम के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा, संगठन और राजनीतिक चेतना को मजबूत करना जरूरी है। समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाकर ही समानता और अधिकारों का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर जयजयराम पासवान, सुबोध पासवान, अंकेश कुमार पासवान, विभूति कुमार ज्वाला, रघुवंश प्रसाद यादव, रंजन साह, हरिवंश कुमार, चंदन पासवान, जीवन शर्मा, सूर्यवंश कुमार एवं पवन दास सहित अन्य लोग उपस्थित थे। सभी ने कांशीराम के विचारों और सामाजिक परिवर्तन के उनके संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।


