- कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में निर्माणाधीन नाला कार्य को लेकर उठे सवाल, मौके पर पहुंचकर निर्माण की स्थिति का लिया जायजा
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चिप प्रभु जी : खगड़िया नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र अंतर्गत कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में BUIDCO द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण को लेकर नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने जिलाधिकारी खगड़िया से मिलकर निर्माण कार्य में कथित तकनीकी लापरवाही की शिकायत की। उन्होंने नाला निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने तथा निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
ज्योतिष मिश्रा ने शिकायत में बताया कि निर्माणाधीन नाला कई स्थानों पर जमीन के नीचे तो कहीं करीब दो फीट तक जमीन से ऊपर नजर आ रहा है। कुछ जगहों पर नाले का एलाइनमेंट भी सीधा नहीं होने की बात कही गई है। वहीं, कुछ स्थानों पर सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद उसे छोड़कर निर्माण किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं, जबकि भविष्य में सड़क चौड़ीकरण की स्थिति में यह निर्माण बाधा बन सकता है। विधायक बबलू मंडल के साथ स्थल निरीक्षण DM से शिकायत के बाद ज्योतिष मिश्रा ने इस मामले को सदर विधायक बबलू कुमार मंडल के समक्ष भी रखा और निर्माण स्थल का निरीक्षण करने का आग्रह किया। इसके बाद विधायक बबलू कुमार मंडल एवं ज्योतिष मिश्रा ने संबंधित स्थल पर पहुंचकर निर्माणाधीन नाले का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नाले की लेवल, एलाइनमेंट, सड़क के स्तर, निर्माण की स्थिति और कंक्रीट की गुणवत्ता को देखा गया। इस दौरान निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों के अनुपालन को लेकर कई बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया।
वाइब्रेटर के इस्तेमाल को लेकर भी उठे सवाल निरीक्षण के दौरान ज्योतिष मिश्रा ने यह भी मुद्दा उठाया कि कई स्थानों पर कंक्रीट डालने के दौरान वाइब्रेटर का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं किए जाने की आशंका दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, कुछ जगहों पर नाला कमजोर नजर आया तथा कंक्रीट में छेद और हनीकॉम्बिंग जैसी स्थिति भी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि यदि कंक्रीट को निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार पर्याप्त रूप से वाइब्रेट नहीं किया गया है तो इससे निर्माण की मजबूती प्रभावित हो सकती है। इसलिए नाले की कंक्रीट गुणवत्ता, मोटाई, मजबूती तथा निर्माण प्रक्रिया की तकनीकी जांच जरूरी है।
स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग
ज्योतिष मिश्रा ने मांग की कि BUIDCO के अलावा किसी अन्य विभाग के अनुभवी सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता से निर्माण की स्वतंत्र जांच कराई जाए। जांच में नाले की लेवल, ढलान, गहराई, चौड़ाई, एलाइनमेंट, कंक्रीट की गुणवत्ता तथा भविष्य के सड़क चौड़ीकरण को ध्यान में रखते हुए निर्माण की स्थिति की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि उद्देश्य विकास कार्य को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी राशि से बनने वाला नाला तकनीकी मानकों के अनुरूप, मजबूत और दीर्घकालिक उपयोग के योग्य हो। यदि जांच में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही सामने आती है तो उसे निर्माण पूरा होने से पहले ही दुरुस्त कराया जाना चाहिए। ज्योतिष मिश्रा ने जिला प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में गलत निर्माण के कारण सरकारी राशि से दोबारा काम कराने की स्थिति उत्पन्न न हो।


