Friday, October 16, 2026
spot_img
⚡
सेवा संकल्प -एंव-सेवा मेरा योगदान” अभियान के अंतर्गत वर्ल्ड एजुकेशन समिट 2026: डॉ. अनिल धानुका ने ऑनलाइन शिक्षा को विद्यार्थियों के भविष्य की नई राह बताय... जयंती पर याद किए गए मिसाइल मैन, वक्ताओं ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने का लिया संकल्प पुलिस अधीक्षक पुष्कर आनंद की संयुक्त अध्यक्षता में सुरक्षा संबंधी तैयारियों समीक्षा की गई बैठक नशें और अपराध से दुर रखने का सशक्त माध्यम है खेल:- प्रेम कुमार यशवंत विधायक बबलू मंडल ने मानसी में आरओबी निर्माण के लिए सामान्य विन्यास आरेख साइन करने को लेकर मंत्री को ... सन्हौली दुर्गा स्थान के पास रेलवे की आवंटित जमीन पर अब भी अतिक्रमण: संवेदक मनोहर कुमार कुशवाहा को हो... कथावाचक वृंदावन से पधारे राघवेंद्र शास्त्री जी महाराज का कराया गया नगर भ्रमण, श्रद्धालुओं में उत्साह नगर सभापति अर्चना कुमारी ने नगरवासियों से 21 दिनों के भीतर जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की अपील दीपक कुमार बने लोजपा (R) के प्रदेश प्रधान महासचिव, बेगूसराय-खगड़िया में संगठन विस्तार पर जोर
होमखगड़ियावर्ल्ड एजुकेशन समिट 2026: डॉ. अनिल धानुका ने ऑनलाइन शिक्षा को विद्यार्थियों...

वर्ल्ड एजुकेशन समिट 2026: डॉ. अनिल धानुका ने ऑनलाइन शिक्षा को विद्यार्थियों के भविष्य की नई राह बताया

जना/ ओम प्रकाश बिरल रंजय तिवारी नई दिल्ली। तेजी से बदलते शैक्षणिक परिदृश्य में ऑनलाइन शिक्षा की बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित करते हुए डॉ. अनिल धानुका ने इसे उच्च शिक्षा हासिल करने और करियर में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। 36वें ईलेट्स विश्व शिक्षा सम्मेलन 2026 के अवसर पर उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा उन लोगों के लिए नए अवसर खोल सकती है, जिन्हें नियमित रूप से कॉलेज जाकर पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 12–13 अक्टूबर को नई दिल्ली के हयात रीजेंसी में आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों ने भाग लिया। शिक्षा में तकनीक के उपयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करने जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे।कार्यक्रम में लोकसभा सांसद डॉ. रवींद्र नारायण बेहरा; भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान; नीति आयोग के सदस्य प्रो. गोबर्धन दास; उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक अध्ययन एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम; राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा; तथा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में कौशल शिक्षा एवं प्रशिक्षण के निदेशक डॉ. बिस्वजीत साहा शामिल हुए।डॉ. धानुका ने कहा कि नौकरीपेशा युवाओं, व्यवसायियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम पढ़ाई जारी रखने का उपयोगी विकल्प बन सकते हैं। मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के नियमों के अनुसार संचालित पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार उच्च शिक्षा हासिल कर सकते हैं और अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुँच ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक बढ़ाना आवश्यक है। डिजिटल माध्यम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, बशर्ते शिक्षा की गुणवत्ता और पाठ्यक्रमों की मान्यता पर उचित ध्यान दिया जाए। सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा को रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कैसे बनाया जाए। डॉ. धानुका का संदेश है कि शिक्षा के अवसरों का विस्तार लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।“शिक्षित भारत, सुरक्षित भारत, विकसित भारत” — ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य की ओर।

RELATED ARTICLES

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

spot_img

Most Popular

Recent Comments