Sunday, October 11, 2026
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नगर सभापति अर्चना कुमारी ने नगरवासियों से 21 दिनों के भीतर जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की अपील

*समय पर पंजीकरण कराने से अनावश्यक परेशानी से मिलेगी राहत, नगर परिषद खगड़िया कार्यालय में उपलब्ध है सुविधा*

जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चिप प्रभु जी खगड़िया नगर परिषद खगड़िया की नगर सभापति अर्चना कुमारी ने नगरवासियों से अपील की है कि परिवार में जन्म या मृत्यु की घटना होने पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज हैं। समय पर पंजीकरण कराने से लोगों को भविष्य में होने वाली अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है। नगर सभापति ने नवजात बच्चों के अभिभावकों से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि बच्चे के जन्म के 21 दिनों के भीतर जन्म पंजीकरण अवश्य कराएं। इसी तरह परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर मृत्यु पंजीकरण भी निर्धारित समय के भीतर कराना सुनिश्चित करें। समय पर पंजीकरण कराने से सामान्य प्रक्रिया के तहत प्रमाणपत्र बनवाने में सुविधा होती है और विलंब के कारण होने वाली अतिरिक्त कागजी कार्रवाई से बचा जा सकता है।
21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना सबसे सुविधाजनक अर्चना कुमारी ने कहा कि लोग अक्सर जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में देरी करते हैं। बाद में सरकारी काम, स्कूल में नामांकन, पेंशन, बीमा या अन्य जरूरी कार्यों के दौरान प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जन्म या मृत्यु की घटना के बाद जल्द से जल्द संबंधित दस्तावेजों के साथ नगर परिषद कार्यालय में आवेदन करें। एक वर्ष के भीतर पंजीकरण, अधिक देरी पर न्यायालय की अनुमति जरूरी
यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण 21 दिनों के भीतर नहीं हो सके, तो नागरिकों को एक वर्ष की अवधि के भीतर संबंधित कार्यालय से विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी लेकर आवेदन करना चाहिए। इस दौरान अतिरिक्त दस्तावेज, विलंब शुल्क या संबंधित अधिकारी के समक्ष सत्यापन की आवश्यकता हो सकती है।
यदि एक वर्ष के भीतर भी पंजीकरण नहीं कराया गया और देरी दो वर्ष से अधिक हो गई, तो प्रमाणपत्र बनवाने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार सक्षम न्यायालय से अनुमति, शपथपत्र, दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में प्रक्रिया अधिक समय लेने वाली हो सकती है।
नगरवासियों को सलाह दी गई है कि एक वर्ष की अवधि समाप्त होने से पहले ही नगर परिषद कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लें। दो वर्ष से अधिक की देरी होने पर न्यायालय से अनुमति लेने की आवश्यकता पड़ सकती है। दो वर्ष या उससे अधिक की देरी पर विशेष सावधानी जरूरी यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण दो वर्ष या उससे अधिक समय तक लंबित रहता है, तो नागरिकों को नगर परिषद कार्यालय अथवा सक्षम न्यायालय से लागू नियमों के अनुसार जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। ऐसे मामलों में पुराने रिकॉर्ड, अस्पताल या संस्थान से प्राप्त प्रमाण, पहचान और पते से संबंधित दस्तावेज, शपथपत्र तथा अन्य प्रमाणों की आवश्यकता पड़ सकती है। जांच और न्यायालय की अनुमति के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। नगर सभापति ने नागरिकों से दो वर्ष तक इंतजार न करने और घटना के तुरंत बाद पंजीकरण कराने की अपील की।
1 अक्टूबर 2026 से लागू संशोधित नियमों की जानकारी लेना जरूरी जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंजीकरण में देरी होने पर विलंब की अवधि के अनुसार प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी बदल सकते हैं। निर्धारित समय के बाद अतिरिक्त शुल्क, दस्तावेजों के सत्यापन अथवा सक्षम अधिकारी के आदेश की आवश्यकता हो सकती है।
नगरवासियों से अपील की गई है कि पंजीकरण में देरी होने पर संबंधित कार्यालय से लागू नियमों, आवश्यक दस्तावेजों और शुल्क की जानकारी प्राप्त करें। समय पर पंजीकरण कराना ही सबसे सरल विकल्प है।
जन्म प्रमाणपत्र बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण
नगर सभापति ने कहा कि जन्म प्रमाणपत्र बच्चों की आयु और जन्म संबंधी विवरण का महत्वपूर्ण सरकारी प्रमाण है। इसकी आवश्यकता स्कूल में नामांकन, सरकारी योजनाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पड़ सकती है। अभिभावकों को बच्चे के जन्म के बाद पंजीकरण कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।
इसी प्रकार मृत्यु प्रमाणपत्र भी परिवार के लिए आवश्यक दस्तावेज है। पेंशन, बीमा, उत्तराधिकार और अन्य प्रशासनिक कार्यों में इसकी जरूरत पड़ सकती है। इसलिए मृत्यु होने पर भी निर्धारित समय में पंजीकरण कराना जरूरी है। नगर परिषद कार्यालय में समय पर करें आवेदन अर्चना कुमारी ने नगरवासियों से जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नगर परिषद खगड़िया कार्यालय में संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आवेदन के समय सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखें, ताकि पंजीकरण की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद का उद्देश्य नागरिकों को जरूरी सेवाओं के प्रति जागरूक करना और समय पर सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना है। नगर सभापति का संदेश—देरी नहीं, समय पर कराएं पंजीकरण नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि जागरूक नागरिक अपने अधिकारों और जरूरी दस्तावेजों के प्रति जिम्मेदार होते हैं। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने के लिए अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए।
उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि जन्म और मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर नगर परिषद कार्यालय में पंजीकरण कराएं। यदि 21 दिनों में पंजीकरण नहीं हो सके तो एक वर्ष के भीतर विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। एक वर्ष से अधिक या दो वर्ष तक की देरी होने पर तुरंत सक्षम कार्यालय से संपर्क करें। दो वर्ष से अधिक की देरी होने पर न्यायालय से अनुमति लेने की आवश्यकता पड़ सकती है। जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें और इस जानकारी को आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं। समय पर पंजीकरण कराएं और अनावश्यक परेशानी से बचें।

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